भोपाल. प्रदेश में दो दिन से जारी भारी बारिश का सिलसिला सोमवार को भी जारी है। अगले 24 घंटे के लिए मौसम विभाग ने इस सीजन में एक साथ आठ जिलों में रेड, आठ जिलों में ओरेंज और 16 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा बाकी जिलों में भी अच्छी बारिश की चेतावनी जारी की है। नर्मदा, ताप्ती, वैनगंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। राजधानी में कलियासोत डैम के छह गेट खुले होने से नदी किनारे बसी बस्तियों को खाली कराया गया है। बारिश से प्रभावित जिलों में आवागमन पर असर पड़ा है। बारिश को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट किया है।
मौसम विभाग की चेतावनी
- (रेड अलर्ट) इन जिलो में बहुत ज्यादा भारी बारिश की चेतावनी: हरदा, होशंगाबाद, मंदसौर, नीमच, नरसिंहपुर, रायसेन, रतलाम और सीहोर।
- (ओरेंज अलर्ट) इन जिलो में अति भारी बारिश: बड़वानी, दमोह, धार, देवास, इंदौर, राजगढ़, विदिशा और उज्जैन।
- (यलो अलर्ट) इन जिलों में भारी बारिश: आगर, अलीराजपुर, अशोकनगर, बालाघाट, भोपाल, बैतूल, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, गुना, जबलपुर, खंडवा, खरगौन, मंडला, शाजापुर, सिवनी और सागर।
मध्य प्रदेश एवं भोपाल के मौसम को प्रभावित करने वाले कारक
- पहला एक कम दबाव का क्षेत्र उत्तर पूर्वी मध्य प्रदेश के आस पास के इलाके में बना हुआ है। साथ ही साथ हवा के ऊपरी भाग में 7 पॉइंट 6 किलो मीटर की ऊंचाई तक चक्रवाती हवाओं का बना हुआ है। जो ऊंचाई के साथ दक्षिण पश्चिम दिशा की ओर झुका हुआ है
- दूसरा मानसून द्रोणिका मीन सी लेवल पर गंगानगर करनाल इटावा से कम दबाव के क्षेत्र होते हुए डाल्टनगंज बांकुरा डायमंड हार बर से बंगाल की खाड़ी तक गया है।
- तीसरा पूर्वी पश्चिमी हवाओं का सीआर जोन(shear zone) 22 डिग्री उत्तरी अक्षांश पर बना हुआ है।
कहां कितनी बारिश: सिवनी में 313.4, खिरकिया में 247.8 हरदा में 176, भोपाल में 146.4, विदिशा में 178.5, सागर में 108.6. रायसेन में 131.6, जबलपुर में 75.2, टिमरनी में 247.8, इछावर में 116.0, नरसिंहपुर में 92.0, होशंगाबाद में 88.4, पचमढ़ी में 71.6, धार में 37.5, खरगोन में 35.6, गुना में 38.2, उज्जैन में 46.0, शाजापुर में 47, उमरिया में 20.3, मंडला में 61.4, छिंदवाड़ा में 81.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
विदिशा में घरों के भीतर भरा पानी
रविवार को तीन घंटे तक हुई भारी बारिश से विदिशा में इंद्रा कॉम्प्लेक्स, सुभाषनगर, डंडापुरा, रंगियापुरा इलाकों में मकानों के अंदर तीन फीट तक पानी भर गया। कागपुर नदी उफान पर आने से विदिशा-अशोकनगर मार्ग और भाटनी की पुलिया डूबने से विदिशा-गैरतगंज मार्ग बंद हो गया, जबकि बेतवा के उफान से विदिशा-रायसेन मार्ग पिछले 7 दिन से बंद है। संजय सागर के तीन गेट और संगड़ बांध के दो गेट पानी निकालने के लिए खोलना पड़े।
जानिए : प्रदेश का हाल
- रायसेन: बारना डैम के सभी आठ गेट खोल दिए गए हैं।
- सीहोर: शहर में 2 इंच से ज्यादा बारिश। पार्वती नदी उफान पर है।
- गुना: राघौगढ़ में एक बालक और चाचौड़ा में युवक बह गया।
- होशंगाबाद: तवा के 9 गेट खोले।
जबलपुर- बरगी बांध के 21 गेट खुले: जबलपुर में करीब साढ़े तीन इंच बारिश हुई। बरगी बांध के सभी 21 गेट खोल दिए गए हैं। बारिश एवं बांध के गेट खोले जाने के बाद नर्मदा के ग्वारीघाट, तिलवाराघाट, भेड़ाघाट जलमग्न हो गए। घाट के लोगों को ऊपर शिफ्ट किया गया।
सागर- औसत से 8 इंच ज्यादा बारिश : सागर में 2016 में 55 इंच बारिश हुई थी, इस बार रविवार को 24 घंटे हुई लगातार बारिश से आंकड़ा 52 इंच पहुंच गया। जबकि औसत बारिश 44 इंच मानी जाती है। रविवार को 3 इंच से ज्यादा बारिश हुई। बारिश के चलते प्रशासन ने सोमवार को स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी। भारी बारिश की वजह से भोपाल रोड बंद रहा।
नर्मदा उफान पर अलर्ट जारी: होशंगाबाद में तेज बारिश के बाद रविवार से बरगी, तवा और बारना डैम से करीब 6 लाख क्यूसिक पानी छोड़ा जा रहा है। इससे होशंगाबाद में नर्मदा का जलस्तर अभी प्रतिघंटे आधा फीट बढ़ रहा है। रविवार रात 1 बजे नर्मदा का जलस्तर 951 फीट था। प्रशासन अलर्ट पर है। अनुमान है कि 15 फीट पानी बढ़ेगा।
राघौगढ़- दो घंटे तेज बारिश: राघौगढ़ ब्लाॅक में रविवार को इस सीजन की सबसे जोरदार बारिश हुई। बहाव इतना तेज था कि दुकानों व घरों के सामने रखे दो पहिया वाहन तक गिरकर बहने की स्थिति में पहुंच गए थे। राघौगढ़ के बीच से गुजरने वाले नाले में एक बच्चा बह गया। उसका शव दो-तीन किमी दूर मिला।
हरदा- टिमरनी से इंदौर-भोपाल की बसें बंद: टिमरनी में रविवार को हुई तेज बारिश से कई इलाकाें में पानी भर गया। दूसरे दिन भी करीब 500 लाेग राहत शिविराें में रहे। टिमरनी-रहटगांव मुख्य मार्ग बंद हो गया। टिमरन, अजनाल, गंजाल नदियां उफान पर होने से इंदौर, हरदा, भोपाल, खंडवा को जाने वाली बसें बंद रहीं।
बालाघाट में बाढ़ जैसे हालात: यहां बारिश के चलते भीमगढ़ बांध से वैनगंगा नदी में पानी छोड़े जाने से हालात बेकाबू हो गए। नदी के मुहाने बसे गांवों में पानी घुस गया। प्रशासन गोंगलाई और कुम्हारी गांव में राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है। लालबर्रा के मोहगांव में 38 मकान खाली कराए गए। छोटी कुम्हारी में बाढ़ आने से दर्जन भर से अधिक मकान खाली कराने पड़ गए हैं।